कौन सी टीम और कैसे हरा सकती है टीम इंडिया को?
विश्वकप के सेमी फाइनल व फाइनल मुकाबलों की चर्चा
नई दिल्ली। विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद टीम इंडिया के भविष्य को लेकर काफी गर्मागर्म चर्चा चल रही है। इस चर्चा में सबसे अधिक सक्रियता पाकिस्तानी खिलाड़ी दिखा रहे हैं।इन खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के खेल की प्रशंसा से अधिक भारतीय टीम के नॉकआउट मुकाबलों में हारने पर अधिक चर्चा की है।
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिसबाह उल हक जहां टीम इंडिया को इन मुकाबलों के लिए सचेत कर रहे हैं। वहीं पूर्व कप्तान शोएब मलिक भी मिसबाह की बात का समर्थन कर रहे हैं।मिसबाह का कहना है कि अच्छे समय से गुजरने वाली टीम यदि फाइनल मुकाबलों में एकाध ओवर में दबाव में आ जाती है तो दूसरी टीम सफलता पाने में कामयाब हो जाती है।मुझे इसी बात का टीम इंंिडया से डर है।
शोएब मलिक ने तो मिसबाह से एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि भारत को पूरी तरह से सतर्क रहना चाहिये क्योंकि फाइनल के मुकाबलों में अतिरिक्त दबाव होता है। इसका लाभ विपक्षी टीम उठा सकती है।
शोएब मलिक ने अनुमान व्यक्त किया कि विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत की भिड़त आस्ट्रेलिया की टीम से हो सकता है। यह टीम अपने आपमें बहुत ही खतरनाक है। गेम प्लान के साथ मैदान में उतर कर विपक्षी टीम के गेम प्लान को धराशायी कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार विश्व कप की प्वाइंट टेबल में भारत और साउथ अफ्रीका ने तो सेमीफाइनल की सीट पक्की कर ली है। तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया आ सकती है। चौथी टीम न्यूजीलैंड और पाकिस्तान में एक हो सकती है। यदि पाकिस्तान को मान लिया जाये तो सेमीफाइनल में भारत से उसकी भिड़ंत हो सकती है। इस तरह से फाइनल में भारत औ आस्ट्रेलिया आ सकती है।
अॅास्ट्रेलिया क्यों आ सकती है, इस पर भी बहस चल रही है। इसे ऑस्ट्रेलिया का गेम प्लान माना जा रहा है। पहले दो मुकाबलों में हार कर खुद को कमजोर टीम साबित करना था और उसके बाद से ऑस्ट्रेलिया पूरे लय में नजर आ रही है। उसके दो अच्छे खिलाड़ी बाहर होने के बावजूद वह अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
शोएब मलिक ने ऑस्ट्रेलिया के गेम प्लान को ताड़ कर ही भारतीय टीम को सचेत किया है। उनका मानना है कि यदि टीम इंडिया एक दो ओवर के गेम में दबाव में आ गयी तो फिर चांस कम हो सकता है। टीम इंडिया पर घरेलू माहौल पर बहुत अधिक दबाव है। इस बात को सभी टीमें अच्छी तरह से जानतीं हैं। इसलिये सभी टीमें फाइनल में अतिरिक्त दबाव बनाने की कोशिश करेंगी।
Comments
Post a Comment