सचिन के इस अधूरे सपने का पूरा कर रहा है अर्जुन
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। इस भगवान का भी कोई ऐसा सपना था, जो अधूरा रह गया है। यह जानकार क्रिकेट फैन्स को काफी ताज्जुब होगा लेकिन यह बात सच है कि एक ऐसा सपना उन्होंने देखा था जो उसे पूरा नहीं कर पाए क्यांकि सफलता की लंबी सीढ़ियों पर चढ़ने के काम को लेकर समय ही नहीं मिला कि वह इस सपने की ओर देख भी पाते। बात दरअसल उस समय की है जब सचिन क्रिकेट में आने की सोच रहे थे तब उन्होंने फास्ट बॉलर बनने का ख्वाब देखा था। 14 साल की उम्र में सचिन चेन्नई की एमआरएफ पेस फाउंडेशन 1987 में बॉलिंग कोचिंग के लिए गए थे। उस समय वहां आस्टेÑेलिया के मशहूर बॉलर डेनिस डायरेक्टर हुआ करते थे। जैसे ही सचिन उनके सामने टेस्ट के लिए पेश हुए। उन्होंने सचिन का ऐक्शन देखा तो रिजेक्ट कर दिया और कहा कि तुम बॉल करने की बात भूल जाओ बैटिंग पर ध्यान दो तो अच्छा रहेगा। डेनिस लिली ने यह बात शायद उनकी कद-काटी को देखकर कही हो। लेकिन यह बात सचिन को लग गई और एक साल उन्होंने लिली की बात को मानते हुए बैटिंग की जमकर प्रैक्टिस की और फिर दोबारा एमआरएफ पेस फाउंडशन पास पहुंचे तो सचिन की बैटिंग का टेस्ट लिया गया। पहल...